.....कुछ लोग जिंदगी में भुलाये नहीं जा सकते .कुछ तो बिलकुल भी नहीं भुलाये जा
सकते.क्यूंकि जिंदगी का वजूद उन्ही से होता है.सबकी जिन्दगी में कोई न कोई शख्स ऐसा तो
जरूर होगा जिसके होने का एहसास धरती से निकलती हर आहट कराती होगी...............फूलों
की खुशबू ..................बहती हवाएं कराती होंगी.सितारों की छावं और सूरज की रौशनी कराती
होगी......मेरी जिन्दगी में भी एक ऐसी शख्सियत थी......बात उन दिनों की है जब मै
मुश्किलात के दौर से गुजर रहा था...हालात मेरे खिलाफ थे.ऐसे में मुझे जिसका साथ मिला वो
थी मांडवी...उस वक्त अगर मांडवी साथ ना होती तो शायद ये जिंदगी कब की बिखर गयी होती
लेकिन अब वो मुझसे मेरी गलतिओं के कारण दूर हो गयी है-बहुत दूर हो गयी है..आज मुझे
मेरे गलतिओं का एहसास हुआ है..मैं उससे माफ़ी मागना चाहता हूँ....दोस्तों दुआ करिये की वो
मुझे माफ करे...
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प्रिय मांडवी,
आज तुम्हारा जन्मदिन है..तुम्हे जनम दिन की बहुत बहुत मुबारकबाद
तुम्हारी जिंदगी हमेशा खुशहाल रहे.रब से यही दुआ है....खुशियाँ तुम्हारे दामन में सजती रहें...
तुम्हारी जिंदगी हमेशा खुशहाल रहे.रब से यही दुआ है....खुशियाँ तुम्हारे दामन में सजती रहें...
...मांडवी तुम्हे याद हैं कालेज के वो मस्ती भरे दिन..वो बीते हुए पल जो हमने साथ-साथ
गुजारे थे...क्लास बंक कर के ...मूवी का मोर्निंग शो.. कैंटीन....और कैंटीन में तुम्हारा समोसे
खाने का अंदाज आज भी जब मै समोसे खाता हूँ.तो तुम्हारा चेहरा याद आ जाता है.मांडवी तेरी
आँखे मटकाने वाली सीन जब भी मुझे याद आती है मै अपनी हंसी रोक नही पाता हूँ..
कितना अच्छा था वो पल. काश वक्त वहीं थम गया होता...लेकिन बेरहम वक्त कहा थमता है ये
तो हर पल हर घडी...आगे बढ़ता रहता है..बदलता रहता है..अक्सर बड़े लोगों से सुना करता था
की वक्त का पहिया चलता रहता है इसलिए इसका बेहतर से बेहतर इस्तेमाल कर लो....बीता
हुआ समय वापस नही आता......तब ये बात समझ में नही आती थी. पर आज आ गयी है.
गोविन्द सर ठीक ही कहा करते थे...बेटा “जब जिंदगी सिखलाएगी तब बात समझ में
आयेगी”.आज मेरी जिंदगी ने मुझे सिखला दिया है...मांडवी तुमने तो मेरी जिंदगी बदल दी.मुझे
एक नेक और कामयाब इंसान बनाया.लेकिन मैंने तुम्हारे लिए क्या किया शायद कुछ भी
नहीं...जब तुम मेरे पास थी तब मै तुम्हे समझ नही सका और आज जब तुम्हारी अहमियत
समझ आई है तब तुम पास नही हो...
मैंने कभी भी तुम्हे समझने कोशिश नहीं की.तुम्हारे जज्बातों को अहमियत नही दिया...तुम तो
हमेशा मेरे मुस्कान बनी रही लेकिन मैंने तुम्हे कभी हँसाने की कोशिश नही की.मांडवी मेरे
जिंदगी की सबसे बड़ी गलती वो थी जब मैंने तुम पर शक किया था.और तुमसे लड़ाई की
थी.तुम्हारी किसी बात को सुने बैगेर तुम्हे बुरा-भला कहा...पता नही किसकी नजर लगी थी
हमको..मांडवी आज मेरी जिंदगी में वो सब कुछ है जिसकी हमने चाहत की थी...फिर भी कुछ
कमी सी लगती है..ये कमी तुम्हारी है.सिर्फ तुम्हारी....मांडवी कई दिनों से तुमसे दिल की बात
कहना चाह रहा था पर हिम्मत नही हुई.आज बहुत हिम्मत करके तुम्हे ये मेल कर रहा
हूँ...
मुझे मेरी गल्तिओं के लिए माफ कर दो.प्लीज़ ..शायद मै माफ़ी मांगने काबिल भी नहीं हूँ.
लेकिन हो सके तो मुझे माफ करना.....
सिर्फ तुम्हारा
आशीष
...दोस्तों जिंदगी में कुछ शख्स ऐसे होते हैं जो हमारी केयर करते हैं.हमारी दुनिया को सवारते
हैं.लेकिन हम उनकी परवाह नही करते है और जाने अनजाने उनका दिल दुखाते हैं...दूसरों की
बातों को अहमियत देते हैं लेकिन उसकी बात नही मानते,जो हमारा अपना है..संबंधों में शक को
महत्व देते हैं ..और ये शक ले डूबता है रिश्तों को ....क्या आप ने भी किसी अपने का दिल
दुखाया है...जरा गौर करिये अपने आस-पास.....ऐसा कौन सा शख्स है जिसे आपने तकलीफ
पहुंचाई है?...कोई...दोस्त?...मम्मी?...पापा?...भाई?...बहन?...टीचर?.......तकलीफ पहुंचाई है न !
.....तो दोस्त देर न करिये! कर डालिए अपने गलती का पछतावा.मांग लीजिए माफ़ी......चलो
एक काम करते हैं जो हमसे रूठे है उनको मानते हैं........
एक काम करते हैं जो हमसे रूठे है उनको मानते हैं........
''किस्मत वालों को ही पनाह मिलती है किसी के दिल में.
